Salatul Hajat Ki Dua: आज हम सलातुल हाजत की दुआ को देखते हैं, हम सभी को इस दुआ को जानना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हमारी ज़िंदगी में हमेशा कुछ न कुछ ख्वाहिशें होती ही है और हम इन ख्वाहिशों को पाने के लिए बहुत बेचैन रहते हैं।
और हर तरीका को अपनाते हैं जिसे हमारी हाजत पूरी हो जाए जब आप दुनियावी तरीकों से थक जाएं तो अपने रब को पुकारे उसके पास सब है इसीलिए आप यहां पर इस सलातुल हाजत की दुआ को पढ़ कर याद रख लें।
और जब भी आप किसी नेक ख्वाहिश की दिल में तमन्ना रखते हैं तो एक मरतबा इस दुआ को रब को दिल में बसाए सच्चे नियत के साथ पढ़ें इसे आपकी हाजत मुकम्मल होगी इंशाल्लाह तआला तो आइए पढ़िए और अमल में लाइए।
Salatul Hajat Ki Dua
हम जब भी दुआ को लिखते हैं तो छोटी से छोटी और बारीक से बारीक बातों पर नज़र रखते हैं इसी तरह इस दुआ को लिखते वक्त जेहन में आया कि हमारे इस ही मुल्क में कई भाषा बोला जाता है।
लेकिन सब को सब भाषा नहीं आता है कुछ को ये तो कुछ को वो नहीं इन्हीं बातों पर नज़र रखते हुए इस दुआ को हिंदी भाषा के साथ साथ अरबी और इंग्लिश में भी लिखा है।
Salatul Hajat Ki Dua in Hindi
“ला इला ह इल्लल्लाहुल हलिमुल करीम सुब्हानल्लाहि रब्बिल अर्शिल अज़ीम वल हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमिन. अस्अलू क मुजिबाती रहमति क व अजाइम मग्फिरति क वल गनीमत मिन कुल्ली बिरर् व स्सलामत् मिन कुल्ली इस्मिन. ला तदअ ली जम्बन इल्ला गफर तहु व ला हम्मन इल्ला फर्रज तहु व ला हाजतन हीय ल क रीजनील्ला कजयतहा या अर्हमर्राहिमिन”
Salatul Hajat Ki Dua in English
“Laa ila Ha illallahul Halimul Kareem Subhanallahi Rabbil Arshil Azeem Wal Hamdu Lillahi Rabbil Aalmin. Asaluka Muzibaati Rahmatika Wa Azaaeem Magfiratika Wal Ghanimat Min Qulli Birr Wassalamat Min Qulli Eismeen. La Tadalee Jamban illa Gafratahu Wa Laa Hamman illa Farraztahu Wa Laa Haztan Hiya Laka Riznilla Kajaytahaa Ya Arahamarrahimeen”.
Salatul Hajat Ki Dua in Arabic
لا إِلَهَ إلاَّ اللهُ الحَلِيمُ الكَرِيمُ، سُبْحَانَ اللهِ رَبِّ الْعَرْشِ العَظِيمِ ، الحَمْدُ لِلهِ رَبِّ العَالَمِيْنَ ، أَسْأَلُكَ مُوجِبَاتِ رَحْمَتِكَ ، وَعَزَائِمَ مَغْفِرَتِكَ ، وَالْغَنِيمَةَ مِنْ كُلِّ بِرّ،ٍ “وَالسَّلامَةَ مِنْ كُلِّ إِثْمٍ ،لاَ تَدَعْ لِيْ ذَنْباً إِلاَّ غَفَرْتَهُ، وَلاَ هَمَّاً إِلاَّ فَرَّجْتَهُ، وَلاَ حَاجَةً هِيَ لَكَ رِضاً إِلاَّ قَضَيتَهَا يَا أَرْحَمَ الرَّاحِمِيْن
Salatul Hajat Ki Dua Ka Tarjuma
“अल्लाह के अलावा कोई मालिक और हाकिम नही है जो बहुत ही मेहरबान और करम करने वाला है मै अल्लाह की पाकी और बड़ाई बयान करता हूँ वह अल्लाह जो अर्शे अज़ीम का मालिक है और तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं जो दोनों जहां का पालनहार है ऐ अल्लाह मै आप से आप की रहमत के और आप की मग़फिरत के मजूत असबाब और हर नेकी में हिस्सा लेने और हर बुराई से सलामती का सवाल करता हूं ऐ अल्लाह मेरे हर गुनाह को माफ़ कर दे और गम को दूर कर दे और मेरी कोई भी ज़रूरत जिस से तू राज़ी हो उस को पूरा कर दे”
सलातुल हाजत की दुआ का तरीका
आपको यह मालुम होना चाहिए कि किसी भी हाजत को मांगने से पहले एक मरतबा 2 रकात की नियत से सलातुल हाजत की नमाज़ पढ़ लें।
जब आप सलातुल हाजत की नमाज मुकम्मल कर लें तो आराम से बैठकर 3 मरतबा कोई भी दुरूद शरीफ़ 3 दफा पढ़ें।
अब सलातुल हाजत की दुआ को दिल से लगन के साथ पढ़ें।
इसके अलावा आप सलातुल हाजत की दुआ का तर्जुमा जो ऊपर में लिखी हुई है उसे भी पढ़ सकते हैं।
इसके साथ-साथ जिस नेक व जायज़ चीज़ की हाजत हो उसे भी शामिल करें।
इसके बाद दुनिया व आखीरत की भलाई की दुआ करें। आप कोशिश करें। दिल में अच्छी नियत रहे।
और अपनी जुबा से भी खूब अच्छी अच्छी बातें बयां करें और ज्यादा से ज्यादा रब की हम्द बयां करें।
अब अंतिम में भी 3 बार दुरूद शरीफ़ पढ़ कर हाथों को बोसा लगा कर चूम लें इंशाल्लाह तआला आपकी दुआ ज़रूर कुबूल होगी।
अंतिम बात
अब तक तो आप भी सलातुल हाजत की दुआ को सही तरीके से और आसानी से समझ चुके होंगे। आपकी सुविधा के लिए हमने इस दुआ को तीन प्रमुख भाषाओं में लिखा था।
जिसे आप इसे आसानी से समझ सकें अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल या डाउट है तो आप हमसे टिप्पणी यानि कॉमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।
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