किसी भी नमाज़ को मुकम्मल करने के लिए कई तरह की चीजें करनी होती हैं – जैसे कियाम, रुकु, सजदा और भी बहुत कुछ करके नमाज़ की एक रकात मुकम्मल की जाती है।
लेकिन जैसे हम सब जानते हैं कि केवल उठना बैठना और खड़ा होना ही नहीं होता है बल्कि कहीं, सूरह, कहीं आयत, कहीं तस्बीह तो कहीं दुआ पढ़ी जाती है जिसकी एक दुआ आप यहां जानेंगे।
हमने यहां पर Ruku Se Uthne Ki Dua को बताया है जिसे आप आसानी से पढ़ कर समझ लेंगे और याद रख कर नमाज़ में पढ़ा करेंगे यक़ीनन इसके बाद आपको कहीं नहीं देखनी पड़ेगी।
Ruku Se Uthne Ki Dua
यहां हमने रुकू से उठने की दुआ को हिंदी, अरबी और अंग्रेजी में बहुत ही सरल और स्पष्ट शब्दों में बताया है ताकि आप इसे सही तरीके से पढ़ सकें।
इसके बाद आपको कहीं और रुकू से उठने की दुआ खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसलिए कृपया ध्यान से पढ़ और समझ कर इसे अपने मन में अच्छे से बसा लें।
Ruku Se Uthne Ki Dua in Hindi

समिअल्लाहु लिमन हमिदह
Ruku Se Uthne Ki Dua in Arabic
سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ
Ruku Se Uthne Ki Dua in English
Samiallahu Liman Hamidah
Ruku Se Uthne Ki Dua Ka Tarjuma
अल्लाह ने सुन लिया जिसने उसकी तारीफ़ की
इसके बाद इस दुआ को पढ़ें
रब्बना व लकल हम्द
رَبَّنَا وَلَكَ الْحَمْدُ
Rabbana Wa Lakal Hamd
जिसका तर्जुमा है:
ऐ हमारे रब तमाम तारीफें तेरे लिए है
ध्यान देने योग्य बात
यहां पर आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि यदि आप नमाज़ खुद से यानी तन्हा पढ़ रहे हैं तो ही इस दुआ को यानि समिअल्लाहु लिमन हमिदह और रब्बना व लकल हम्द को पढ़ना है।
अगर आप किसी इमाम के साथ नमाज़ पढ़ेंगे तो आप सिर्फ़ और सिर्फ़ रब्बना व लकल हम्द ही कहेंगे क्योंकि जमात में रुकु से उठते हुए सिर्फ़ रब्बना व लकल हम्द कहना चाहिए।
आख़िरी शब्द
आपको हमारी लिखी सभी बातें समझ आ गई होगी और अब तक तो आप आसानी से रुकु से उठने की दुआ पढ़ और समझ कर याद रख लिए होंगे और नमाज़ में जरूर पढ़ा करेंगे।
हमने यहां पर दुआ के साथ साथ और भी कई सारी जानकारी जो आपको जानना चाहिए उसे बताया था जिसे आप पढ़कर अमल करके सही से नमाज़ मुकम्मल कर सकें।
अगर आपको इस दुआ से रिलेटेड कोई शिकायत है तो आप हमसे संपर्क करके बोल सकते हैं अगर यह आपके लिए फायदेमंद रहा हो तो आप इस दुआ को ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
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