Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua in Hindi, English, & Arabic

हम सभी रोज़ाना फ़राग़त (टॉयलेट) के लिए बैतुल ख़ला यानी वॉशरूम जाते हैं। यह हमारी ज़िंदगी का एक ज़रूरी हिस्सा है, क्योंकि इससे शरीर की गंदगी और वेस्ट पदार्थ बाहर निकलते हैं और हमें राहत मिलती है।

इस नेमत पर हमें अपने रब का शुक्र अदा करना चाहिए और वॉशरूम से बाहर निकलते समय बताई गई मस्नून दुआ पढ़नी चाहिए।

इसीलिए आज इस लेख में हम Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua (बैतुल ख़ला से निकलने की दुआ) को अरबी, हिंदी, अंग्रेज़ी (Roman English) और हिंदी तर्जुमा के साथ साझा कर रहे हैं।

हमारा प्यारा मज़हब इस्लाम हमें ज़िंदगी के हर छोटे-बड़े काम के लिए दुआ और सुन्नत की तालीम देता है, ताकि हर अमल इबादत बन जाए। इसलिए वॉशरूम से बाहर आने के बाद यह दुआ पढ़ना भी एक अहम सुन्नत है, जिसे हर मुसलमान को याद रखना चाहिए।

Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua

हम सब लोग कुछ में अच्छे तथा कुछ में कमज़ोर होते हैं मतलब यह है कि सब को सब भाषा नहीं आती कुछ को हिंदी आती है लेकिन इंग्लिश नहीं जबकि कुछ इंग्लिश जानते हैं लेकिन हिंदी नहीं।

इन सभी छोटी छोटी बातों पर नज़र रखते हुए हमने इस दुआ को हिंदी, अरबी और इंग्लिश में लिखा है सो आप अपने जिस लैंग्वेज में अच्छा लगे आराम से पढ़ कर समझ सकते हैं।

Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua In Hindi and English

Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua in Hindi

“अल्हम्दु लिल्लाहिल लजी अज हबा अन्निल अजा व आफानी”

Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua in Arabic

“اَلْحَمْرُلِلّٰهِ الَّزِىْ اَزْهَبَ عَنِّ الْاَزىٰ وَ عَافَانَىْ”

Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua in English

“Alhamdu-Lillahil Lazi Az-Hbaa Annil Azaa Wa Aafaani”.

Baitul Khala Se Nikalne Ki Dua Ka Tarjuma

सब तारीफें अल्लाह के लिए है जिसने मुझसे ईजा देने वाली चीज दूर की और मुझे आफियत दी

बैतूल खला से निकलने का सही तरीका

हमेशा हो सके तो बैतूल खला से निकलने से पहले ही या निकलने के बाद अपने दोनों हाथों को अच्छी तरह से धो लें ना।

इस सुन्नत तरीके पर भी अमल करें कि निकलते वक्त सबसे पहले अपना दाहिना पैर बाहर निकालें।

इसके बाद दोनों पांव को अच्छी तरह से धो लें यह आपको हर तरह से फायदा देगा जिस्मानी तथा रूहानी फ्रेश फील होगा।

आख़िरी बात

हमने इस पोस्ट में बैतूल खला यानि वॉशरूम से बाहर निकलने पर पढ़ी जाने वाली एक महत्वपूर्ण दुआ का जिक्र किया । इसे बेहतर ढंग से समझाने के लिए, हमने इसे तीन प्रमुख भाषाओं में लिखा है ताकि आप इसे आसानी से समझ सकें।

यदि आपके मन में अभी भी कोई सवाल या डाउट है, तो आप हमसे टिप्पणी करके ज़रूर पूछें। हम आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारे टीम तैयार हैं, क्योंकि मैंने हमेशा से यही चाहा है कि सभी जानकारी को साफ भाषा में लिखा जाए, ताकि आप इसे आसानी से समझ सकें।

यदि आपको यह दुआ पसंद आया है और इससे आपको कुछ भी सीखने को मिला है तो इसे सदकाए जारिया की नीयत से अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें। जिसे वे भी सुन्नत पर अमल कर सकें।

My name is Firdoush, and I am the Editor and Writer at Imanaze. I am a Sunni Muslim from Ranchi, India, with experience in teaching and writing about Islam since 2019. My work focuses on creating and sharing authentic Islamic duas and content aimed at pleasing Allah ﷻ and seeking His blessings.

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